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चुनाव का माहौल है और सभी दल अपने अपने तरीको से मतदाताओं को लुभाने में लगे हुए है।
कोई जातिवाद से लुभा रहा है तो कोई धर्मवाद से, कोई लुभावने वादे कर रहा है तो कोई एक दूसरे को गालियां दे रहा है, लेकिन इस चुनाव के माहौल में आश्चर्य जनक बात तब हुआ जब कुछ नेताओ ने हमारे सैनिको के पराक्रम पर ही सवाल उठा दिए । कुछ नेताओ ने तो सैनिको के स्ट्राइक को ही गलत साबित कर दिया । इस बात पर देस के अधिकांश जनता ने उन नेताओ को कोसा , यहां तक की सोशल मीडिया पर घमाशान तक हो गयी । लेकिन झटका अभी बाकी था, और ये झटका हाल में ही लगा है, जब देस की सबसे पुरानी दल अपने घोषणा पत्र  में कुछ ऐसे घोषणा किये जो राष्ट्रहित में ठीक नहीं था ।

 

ये घोषणाएं इस प्रकार है :-

1 धारा 370 खत्म नही करेंगें।
2 देशद्रोही कानून को खत्म करेंगें।
3 AFSPA में संशोधन करेंगें।
4 कश्मीर में सैना की संख्या में कटोती करेंगें।
5 टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन.

 

ये सब कांग्रेस के इस घोषण पत्र में शामिल है, और इसे पढ़कर आप समझ गए होंगे की अगर इन चीजों पर अमल हो गया तो देस की सुरक्षा का कितना नुक्सान होगा!! एक राष्ट्रवादी नागरिक कभी नहीं चाहेगा की उसके देस की सुरक्षा कभी खतरे में पड़े, अब सवाल ये आता है की वो कौन से लोग है जो इस तरह के घोसणाओ  पर अपना वोट देते है!!?? वो कौन से लोग है जो राष्ट्रहित नहीं चाहते!!?? और सवाल ये भी उठता है की क्या कांग्रेस कुछ लोगो को खुश करने के लिए और कुछ वोट के लिए देस तक से खिलवाड़ कर सकती है क्या !!?? सवाल ये भी उठता है की कहीं कांग्रेस का हाथ आतंकवादियों के साथ तो नहीं है!!??  क्योंकि इन पांच सालो में जब भी आतंकवादियों पर कार्यवाही हुई, चाहे उसके लिए सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक तक करना पड़ा, हमेसा कांग्रेस ने सेना पर और सरकार पर सवाल उठाये ।, और कांग्रेस के शाशन काल में जब २६/११ का हमला हुआ तब कांग्रेस सरकार ने आतंकवाद पर और पाकिस्तान पर कोई भी कार्यवाही नहीं करी, उस हमले में कितने ही लोग मारे गए और कितने ही घायल हुए । वो हमला देस को झकझोर कर रख दिया था, और आखिरी में कोई भी कार्यवाही नहीं करी गयी सिवाए कुछ आतंकवादियों को पकड़कर सालो तक खिलाया पिलाया गया ।

 

जब आप अपना वोट डालने जायेंगे तो एक बार अपने आप से जरूर पूछियेगा, क्या अइसे लोगो को देस की सत्ता देना चाहिए?


 

By - Pankaj Singh