पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर विभिन्न मंत्रालय द्वारा जानकारी

Paschim Asia

Report : Sangita Singh

नई दिल्ली, 16 जून 2026- पश्चिम एशिया में बदलती परिस्थितियों के बीच भारत सरकार नियमित सूचनाओं के माध्यम से नागरिकों को ताज़ा जानकारी देने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने ईंधन की उपलब्धता, समुद्री संचालन क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को दी जा रही सहायता और प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी दी। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने भी देश में उर्वरकों की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति के बारे में जानकारी साझा की।

 

देश में उर्वरकों का समग्र भंडार संतोषजनक है, भारतीय किसानों ने कल तक कुल आवश्यकता का लगभग 27% खरीद लिया था

चालू यूरिया संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पिछले छह महीनों में उनकी औसत खपत के लगभग 100% तक पहुंच गई है

पिछले 4 दिनों में लगभग 1.66 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले लगभग 1.84 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए हैं

राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को कालाबाजारी या अनधिकृत डायवर्जन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं

लगभग 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो ले जा रहा एलएनजी वाहक जहाज दिशा (डीआईएसएचए)  आज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर गया। इसके 18 जून 2026 को भारत पहुंचने की संभावना है

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उर्वरक स्टॉक की स्थिति और उपलब्धता

  • देश में उर्वरकों का समग्र भंडारण संतोषजनक है।
  • खरीफ 2026 के लिए, कृषि एवं कृषि एवं पशु कल्याण विभाग द्वारा उर्वरक की आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन9 लाख मीट्रिक टन किया गया है। जबकि वर्तमान में भंडार लगभग 196.65 लाख मीट्रिक टन ( 51% से अधिक ) है। यह सामान्य स्तर (लगभग 33%) से काफी अधिक है। यह सरकार द्वारा बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और कुशल रसद प्रबंधन को दर्शाता है ।
  • भारतीय किसानों नेचालू खरीफ-2026 में06.2026 तक कुल 102.78 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक खरीद लिए हैं। यह कुल आवश्यकता का लगभग 27% है।
  • देश में जैविक खाद का भंडार लगभग60 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।
  • युद्ध के बाद भारतीय किसानों ने82 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद (एफओएम/एलएफओएम/पीआरओएम) खरीदी (पंजाब में 2.91 लाख मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में 2.94 लाख मीट्रिक टन, हरियाणा में 1.44 लाख मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 1.34 लाख मीट्रिक टन, गुजरात में 1.0 लाख मीट्रिक टन और महाराष्ट्र में 0.87 लाख मीट्रिक टन)। पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह खरीद 3.31 लाख मीट्रिक टन थी। यह उल्लेखनीय वृद्धि जैविक पोषक तत्वों के अधिक उपयोग की दिशा में सकारात्मक रुझान को दर्शाती है और किसानों की रासायनिक उर्वरकों से जैविक विकल्पों की ओर क्रमिक बदलाव का संकेत देती है।
  • वर्तमान मेंखरीफ मौसम के लिए उर्वरकों की उपलब्धता में कोई बड़ी चुनौती नहीं है।
  • संकट के बाद उर्वरकों का घरेलू उत्पादन और आयात; (लाख टन) इस मौजूदा संकट काल के दौरान भारत ने 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और पी एंड के उर्वरक सुरक्षित कर लिए हैं।
  • विदेशों में स्थित 28 अभियानोंके समन्वय से, भारत ने ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जॉर्जिया, नाइजीरिया, रूस, फिनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की, नीदरलैंड से यूरिया की आपूर्ति और रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया, सऊदी अरब से लाल सागर के रास्ते डीएपी/एनपीके की आपूर्ति सुनिश्चित की है।
  • चालू जून माह में, भारतीय बंदरगाहों पर आयातित यूरिया, डीएपी और एनपीके की मात्रा 25 लाख मीट्रिक टन से अधिक होने की उम्मीद है।
  • भारत ने 17 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खरीद के लिए वैश्विक निविदा जारी की है जिस पर काम चल रहा है।
  • उर्वरकों के उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्रियों, जैसे यूरिया और फास्फोरस एवं पोटेशियम उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा उर्वरक विभाग द्वारा नियमित रूप से की जा रही है।
  • कृषि विभाग नियमित रूप से कंपनियों द्वारा साप्ताहिक आधार पर जारी किए गए सभी सब्सिडी बिलों का भुगतान कर रहा है और वर्तमान में उर्वरक सब्सिडी के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है।
  • उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अब तक ईजीओएस की 12 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं और ईजीओएस द्वारा उपलब्धता से संबंधित अधिकांश चुनौतियों का समाधान किया गया है।
  • भारत की उर्वरक सुरक्षा मजबूत, स्थिर और सुव्यवस्थित बनी हुई है, और सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता लगातार आवश्यकता से अधिक है।

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के मद्देनजर पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वर्तमान ईंधन आपूर्ति स्थिति पर ताज़ा जानकारी दी। इसमें बताया गया कि:

कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन

  • सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार बनाए रखा जा रहा है।
  • घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।
  • घरेलू बाजार के लिए पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) का गठन किया गया है। भारत सरकार ने दिनांक04.2026 के आदेश के माध्यम से पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित तेल रिफाइनरी कंपनियों को उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएचटी) द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सी3 और सी4 स्ट्रीम की न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।
  • औषधि विभाग, रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग (डीसीपीसी) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर, फार्मा, रसायन और पेंट क्षेत्र की कंपनियों के लिए एलपीजी पूल से प्रतिदिन 1120 मीट्रिक टन सी3-सी4 अणुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
  • 1 जून 2026 से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापत्तनम, चेन्नई, मथुरा और गुजरात की रिफाइनरियों द्वारा रासायनिक, फार्मा और पेंट उद्योगों को 5860 मीट्रिक टन से अधिकC3-C4 अणु (जिसमें प्रोपलीन और ब्यूटिलीन शामिल हैं) और लगभग 5050 मीट्रिक टन ब्यूटाइल एक्रिलेट बेचा जा चुका है।

खुदरा ईंधन उपलब्धता और मूल्य निर्धारण उपाय

  • देश भर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
  • मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है। हालांकि, उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए, भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।
  • कुछ क्षेत्रों में खुदरा दुकानों पर असामान्य रूप से अधिक बिक्री और भारी भीड़ देखी गई; हालांकि, देश भर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

प्राकृतिक गैस आपूर्ति और पीएनजी विस्तार पहल

  • डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन को 100% आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
  • वर्तमान में कार्यरत यूरिया संयंत्रों को आपूर्ति पिछले छह महीनों में उनकी औसत खपत के लगभग 100% के बराबर है।
  • सीजीडी नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति सहित अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति में 80% तक की वृद्धि की गई है।
  • सीजीडी संस्थाओं को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी सरकारी क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें, ताकि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता से संबंधित चिंताओं का समाधान किया जा सके।
  • भारत सरकार ने राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक आवेदनों की मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया है।
  • भारत सरकार ने03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10% आवंटन देने की पेशकश की है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन में मदद कर सकें।
  • 22 राज्योंएवं केंद्र शासित प्रदेशों को पीएनजी के विस्तार सुधारों से संबंधित अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन प्राप्त हो रहा है।
  • स्वच्छ, अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए, भारत सरकार ने एक मॉडल मसौदा राज्य सीबीजी नीति विकसित की है। इसका उद्देश्य राज्यों को सीबीजी विकास के लिए अपना स्वयं का निवेशक-अनुकूल और कार्यान्वयन-उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में सक्षम बनाने के लिए एक व्यापक, लचीला मार्गदर्शक ढांचा प्रदान करना है। इस नीति को अपनाने वाले राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी के अतिरिक्त आवंटन की अगली किश्त में प्राथमिकता दी जाएगी।
  • मार्च 2026 से अब तक लगभग76 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया जा चुका है और अतिरिक्त 3.19 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है , जिससे कुल कनेक्शनों की संख्या 12.95 लाख हो गई है। इसके अलावा, लगभग 9.72 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है।

एलपीजी आपूर्ति

घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:

  • मौजूदा स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
  • घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।
  • एलपीजी वितरकों में आपूर्ति बंद होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
  • उद्योग के आधार पर कलऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में लगभग 99% की वृद्धि हुई।
  • वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में लगभग 96% की वृद्धि की गई है। डीएसी उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता है।
  • पिछले 4 दिनों में लगभग 66 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले लगभग 1.84करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।

वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति और आवंटन उपाय:

  • भारत सरकार ने कुल वाणिज्यिक आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70% तक आवंटित करने का निर्णय लिया है, जिसमें 10% सुधार-आधारित आवंटन शामिल है।
  • पिछले 4 दिनों में–
  • लगभग18 लाख – 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • 871 शिविरों के माध्यम से 14,500 से अधिक – 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • कुल 24184 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई है।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की ओएमसी द्वारा लगभग 722 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेची गई है।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और संस्थागत तंत्रों के साथ समन्वित प्रयास

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत राज्य सरकारों को आपूर्ति की निगरानी करने और जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की स्थिति की निगरानी और विनियमन में प्राथमिक भूमिका निभानी होगी। भारत सरकार ने कई पत्रों और वीडियो संदेशों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस बात की पुष्टि की है।
  • भारत सरकार ने कई पत्रों और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पर्याप्त ईंधन उपलब्धता के संबंध में नागरिकों को आश्वस्त करने के लिए सक्रिय जनसंचार की आवश्यकता पर जोर दिया है।
  • भारत सरकार ने दिनांक05.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्योंएवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से अनुरोध किया है कि वे राज्य एवं जिला अधिकारियों को उचित निर्देश जारी करें ताकि जिलावार एचएसडी/एमएस की खरीद के पैटर्न की निगरानी और समीक्षा की जा सके, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन/औद्योगिक गलियारों में निरीक्षण और प्रवर्तन गतिविधियों को तेज किया जा सके ताकि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा खुदरा दुकानों के माध्यम से एचएसडी की अनधिकृत खरीद को रोका जा सके और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ त्वरित दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जा सके।
  • भारत सरकार ने दिनांक06.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से अनुरोध किया है कि वे जिला कलेक्टरों/जिला मजिस्ट्रेटों/आयुक्तों/शहरी निकायों के विशेष अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करें ताकि वे संबंधित जिला परिषदों/शहरी निकाय विकास आयोग (एसएलसी)/सीजीडी संस्थाओं के साथ सहयोग करके एलपीजी उपभोक्ताओं को जहां भी उपलब्ध हो, पूरी तरह से पीएनजी (पेट्रोलियम-आधारित गैस) काउपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। जिला और शहरी निकाय प्रशासन की भागीदारी से पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के परिणाम बेहतर होंगे।
  • भारत सरकार ने06.2026 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से ओएमसी को निम्नलिखित सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं:
  • खुदरा दुकानों पर डीजल केवल वाहनों के टैंकों या पीईएसओद्वारा अनुमोदित कंटेनरों में ही दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति ग्राहक/वाहन प्रति दिन 200 लीटर होगी। खुदरा दुकानों से खरीदा गया डीजल दोबारा बेचा नहीं जा सकता।
  • औद्योगिक और प्रत्यक्ष ग्राहकों या संस्थागत और वाणिज्यिक ग्राहकों को खुदरा दुकानों से ईंधन खरीदने की मनाही है और उन्हें अपनी आवश्यकताएं उपभोक्ता पंपों के माध्यम से ही पूरी करनी होंगी।
  • तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) और खुदरा विक्रेता निर्धारित प्रतिबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने और आदेश के प्रावधानों को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए जिम्मेदार होंगे।
  • राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को निर्देश दिया गया है कि वे कालाबाजारी या अनधिकृत हेराफेरी जैसी किसी भी प्रकार की अनियमितताओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें ताकि आम आदमी के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

प्रवर्तन और निगरानी कार्रवाइयां

  • पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा देशभर में प्रवर्तन कार्रवाई जारी है।
  • एलपीजी से संबंधित प्रवर्तन – 26 मार्च से अब तक देश भर में लगभग 1330 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 311 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 75,960 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
  • पेट्रोल और डीजल से संबंधित कार्रवाई – 27 मई 2026 से अब तक देशभर में लगभग 12,307 लीटर पेट्रोल और लगभग 91,263 लीटर डीजल जब्त किया गया है। इसके अलावा, 50 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और लगभग 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
  • इसी प्रकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अचानक निरीक्षण भी जारी हैं।
  • खुदरा दुकानें – पिछले 4 दिनों में, बाजार अनुशासन दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए 3 खुदरा दुकानों पर जुर्माना लगाया गया है और 866 खुदरा दुकानों को निलंबित कर दिया गया है।

सरकारी तैयारी और आपूर्ति प्रबंधन उपाय

  • मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने सुनिश्चित किया है कि घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की 100% आपूर्ति की जा रही है।
  • वाणिज्यिक एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है।
  • प्रवासी श्रमिकों, छात्रोंआदि की एलपीजी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति बढ़ा दी गई है।
  • सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तिकरण उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं। इनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना औरआपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है ।

जन परामर्श एवं नागरिक जागरूकता

  • सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल और डीजल की जल्दबाजी में खरीदारी करने और एलपीजी की बुकिंग कराने से बचें।
  • अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
  • नागरिकों से अनुरोध है कि वे वैकल्पिक ईंधन जैसे कि पी.एन.जी., इंडक्शन/इलेक्ट्रिक कुकटॉप आदि का उपयोग करें।
  • थोक और औद्योगिक उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे अधिकृत खरीद चैनलों से ही डीजल खरीदें।
  • वर्तमान स्थिति में, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करें।

समुद्री सुरक्षा और जहाजरानी संचालन

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने फारस की खाड़ी में मौजूदा समुद्री स्थिति पर ताज़ा जानकारी दी। जिसमें क्षेत्र में भारतीय जहाजों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे उपायों का विस्तृत विवरण दिया गया। इसमें कहा गया कि

  • माल्टा के ध्वज वाला एलएनजी वाहक जहाज डीआईएसएचए(आईएमओ : 9250713), ने आज, 15 जून 2026 को लगभग 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो लेकर भारत के दहेज के लिए रवाना होते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया। इस जहाज़ का प्रबंधन  एससीआई   के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम द्वारा किया जाता है। इस जहाज के 18 जून 2026 को भारत पहुंचने की संभावना है।
  • मंत्रालय, जहाजरानी महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) के माध्यम से भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने और सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों, जहाजरानी कंपनियों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय में रहता है।
  • डीजी शिपिंग नियंत्रणकेंद्र से ताज़ा जानकारी : सक्रिय होने के बाद से कंट्रोल रूम ने 12,737 कॉल और 28,299 से अधिक ईमेल संभाले हैं। पिछले 96 घंटों में, नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री हितधारकों से कुल 406 कॉल और 784 ईमेल प्राप्त हुए हैं।
  • स्वदेश वापसी संबंधी ताज़ाजानकारी: मंत्रालय ने जहाजरानी महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) के माध्यम से अब तक 3,587 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से पिछले 96 घंटों में 50 नाविक शामिल हैं।
  • भारत में बंदरगाहों का संचालन सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं मिली है।

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