Editor: Sangita Singh
नई दिल्ली- सरकार ने अगले महीने की पहली तारीख से टेलीकॉम उपयोगकर्ताओं के लिए ‘कॉलर नेम डिस्प्ले’ सेवा अनिवार्य कर दी है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि वे 1 नवंबर से सभी सेवा क्षेत्रों में ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’ (CNAP) सेवा शुरू करें। इस सेवा के तहत, कॉल करने वाले का नाम – जो टेलीकॉम सेवा प्रदाता के डेटाबेस में दर्ज है – प्राप्तकर्ता के फोन पर उसके नंबर के साथ दिखाई देगा। अगर कोई अंतरराष्ट्रीय कॉल आती है और नंबर सेव नहीं है, तो स्क्रीन पर ‘इंटरनेशनल कॉल’ लिखा आएगा। यह सेवा सभी उपयोगकर्ताओं को बिना किसी अलग अनुरोध के उपलब्ध कराई जाएगी।
DoT ने बताया कि टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं ने 4G और उससे अगली पीढ़ी की तकनीकों पर काम करने वाले वायरलेस टेरेस्ट्रियल नेटवर्क पर इस सेवा का ट्रायल पहले ही कर लिया है। विभाग ने यह भी कहा कि 2G और 3G तकनीकों पर आधारित वायरलेस टेरेस्ट्रियल नेटवर्क और पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क (PSTN) में CNAP सेवा शुरू करने पर अलग से विचार किया जाएगा।
















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