Editor- Pankaj Singh
श्री विजयापुरम- 29 जुलाई को दक्षिण अंडमान के कॉलिनपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत हार्पट्टाबाद नंबर-2 स्थित वन क्षेत्र की एक प्राकृतिक जलधारा (स्ट्रीम) में मंगलवार दोपहर डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। कई घंटों तक चले व्यापक खोज एवं बचाव अभियान के बाद शाम लगभग 6:00 बजे पीएमएफ (PMF) के गोताखोरों ने दोनों के शव बरामद किए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो युवक एवं दो युवतियाँ मंगलवार दोपहर लगभग 1:30 बजे उक्त जलधारा पर घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि गहरे पानी वाले हिस्से में तैराकी के दौरान एक युवक अचानक डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में दूसरा युवक भी पानी में उतर गया, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों गहरे पानी में समा गए और बाहर नहीं निकल सके।

घटनास्थल पर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने के कारण साथ मौजूद दोनों युवतियाँ तत्काल जंगल से बाहर निकलकर निकटवर्ती ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। इसके बाद पुलिस को अवगत कराया गया, जिसके पश्चात पुलिस एवं बचाव दल ने संयुक्त रूप से खोज अभियान शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शाम लगभग 6:00 बजे दोनों युवकों के शव जलधारा से बाहर निकाले गए।
मृतकों की पहचान लगभग 22 वर्षीय प्रदीप एवं शाहिद के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें से एक युवक डिगलीपुर क्षेत्र का निवासी था, जबकि दूसरा बंबूफ्लैट क्षेत्र से संबंधित था।
इस दुखद घटना पर कॉलिनपुर ग्राम पंचायत के सूत्रों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दो युवा जीवनों का इस प्रकार असमय समाप्त हो जाना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि दोनों युवकों के परिवारों पर जो दुख का पहाड़ टूटा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ माह पूर्व इसी स्थान पर एक रक्षा कर्मी की भी डूबने से मृत्यु हुई थी। उस घटना के बाद ग्राम पंचायत ने वन विभाग, पुलिस एवं वन्यजीव विभाग सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष इस स्थान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। बाद में यह स्पष्ट किया गया कि उक्त क्षेत्र वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
ग्राम पंचायत का कहना है कि वह इस प्राकृतिक पर्यटन स्थल को स्थायी रूप से बंद करने के पक्ष में नहीं है। पंचायत ने सुझाव दिया है कि इस क्षेत्र का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित ढंग से विकास किया जाए, जहाँ नियंत्रित प्रवेश, प्रशिक्षित गाइड, चेतावनी संकेतक, सुरक्षा उपकरण तथा आवश्यक बचाव सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ, ताकि लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद सुरक्षित वातावरण में ले सकें।
फिलहाल पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है तथा दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच जारी है। यह दुखद हादसा एक बार फिर दूरस्थ प्राकृतिक जल स्रोतों पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था एवं नियंत्रित सार्वजनिक प्रवेश सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।















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