Editor: Pankaj Singh
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026– SBI बैंक ने अपने ग्राहकों के व्यक्तिगत डेटा के संभावित लीक होने की घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई है। बैंक ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के लिस्टिंग दायित्व एवं प्रकटीकरण आवश्यकताएं (LODR) विनियम, 2015 के विनियमन 30 के तहत इस घटना की जानकारी साझा की है। बैंक के अनुसार, ग्राहकों के डेटा के डार्क वेब पर उजागर होने की आशंका सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए हैं और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
बैंक को 16 अक्टूबर 2026 को अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, डिफेंस साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) से एक अलर्ट के संबंध में सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। इस अलर्ट में बैंक के ग्राहकों के डेटा के डार्क वेब पर संभावित रूप से उपलब्ध होने की आशंका जताई गई थी।
बैंक द्वारा डार्क वेब पर उपलब्ध लगभग 3,75,000 रिकॉर्ड का प्रारंभिक विश्लेषण किया गया। इस दौरान 3,897 ऐसे ग्राहक रिकॉर्ड की पहचान हुई, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से संबंधित संवेदनशील जानकारी (PII) शामिल थी।
उजागर होने की आशंका वाले डेटा में ग्राहकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, नाम, लिंग, ईमेल पते, आवासीय पते, बैंक शाखा एवं CIF पहचान संख्या, लीड आईडी तथा ऋण और लीड रिकॉर्ड से संबंधित मेटाडेटा एवं अन्य संबंधित फाइलों की जानकारी शामिल बताई गई है।
हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया है कि उजागर डेटा की प्रामाणिकता और पूर्णता की पुष्टि करने, डेटा लीक के संभावित स्रोत एवं दायरे का पता लगाने तथा ग्राहकों और बैंक पर पड़ने वाले संभावित जोखिमों का आकलन करने के लिए विस्तृत जांच आवश्यक है।
घटना की जानकारी मिलते ही बैंक ने अपनी साइबर घटना प्रतिक्रिया और नियंत्रण प्रक्रियाओं को सक्रिय कर दिया। इसके अतिरिक्त, मामले की प्रकृति और संभावित डेटा लीक के दायरे का व्यापक आकलन करने के लिए CERT-In द्वारा सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को भी नियुक्त किया गया है।
साथ में SBI ने अपने पोर्टल्स पर ग्राहकों के लिए इस मुद्दे पर विशेष सूचना भी जारी की है जो कि इस प्रकार है।
“प्रिय ग्राहकों,
डेटा लीक से जुड़ी हालिया साइबर घटना के संबंध में, हम आपको बताना चाहते हैं कि इससे बहुत ही कम संख्या में ग्राहक प्रभावित हुए हैं। हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि इसका बैंक के आईटी और मुख्य व्यावसायिक कार्यों, वित्तीय प्रदर्शन या कामकाज की निरंतरता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और हम अपने ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
हम फिर दोहराते हैं कि हमारे ग्राहकों की वित्तीय संपत्ति और डेटा की सुरक्षा, तथा हम पर उनका भरोसा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।“

आपको बता दे कि ये सूचना सही भी है, क्योंकि SBI के ग्राहकों का निजी डेटा लीक हुआ है, इसके खाते हैक नहीं हुए हैं, और बैंक के खातों की सुरक्षा कई परतें में हैं। पर्सनल डेटा लीक और अकाउंट हैक दोनों अलग-अलग चीजें हैं।
बैंक ने बताया कि फिलहाल विस्तृत आकलन जारी है तथा आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निवारक उपाय लागू किए जा रहे हैं।
बैंक के अनुसार, इस घटना का उसके मुख्य व्यावसायिक परिचालन, वित्तीय प्रदर्शन या व्यवसाय की निरंतरता पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है। बैंक की मुख्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और किसी व्यवधान की सूचना नहीं दी गई है।
बैंक ने यह भी आश्वस्त किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लागू नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल, डेटा के संभावित लीक के वास्तविक स्रोत, इसकी पूरी सीमा और ग्राहकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का पता लगाने के लिए जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से संबंधित विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
















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