मत्स्य विभाग द्वारा जंगलीघाट फिश लैंडिंग सेंटर में ‘घोस्ट नेट हटाओ अभियान’ – लगभग 600 किलोग्राम मछली पकड़ने के जाल हटाकर समुद्री पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

Fishing Department Remove Ghost Net

Report: Pankaj Singh

श्री विजयपुरम- अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मत्स्य विभाग ने टिकाऊ मत्स्य पालन (Sustainable Fisheries) को बढ़ावा देने तथा समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (Marine Ecosystem) के संरक्षण के उद्देश्य से जंगलीघाट स्थित फिश लैंडिंग सेंटर में ‘घोस्ट नेट हटाओ अभियान’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य समुद्र में छोड़े गए अथवा खोए हुए मछली पकड़ने के जाल (Ghost Nets) को हटाकर समुद्री जैव-विविधता की रक्षा करना तथा मछली पकड़ने के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना था।

‘घोस्ट नेट’ वे परित्यक्त अथवा खोए हुए मछली पकड़ने के जाल हैं, जो लंबे समय तक समुद्र में पड़े रहने के कारण मछलियों, समुद्री कछुओं, डॉल्फ़िन तथा अन्य समुद्री जीवों को लगातार फँसाकर उनकी मृत्यु का कारण बनते हैं। इसके अतिरिक्त, ये समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण को बढ़ावा देते हैं, तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को क्षति पहुँचाते हैं तथा मछली पकड़ने वाली नौकाओं के सुरक्षित आवागमन में भी बाधा उत्पन्न करते हैं। इसलिए इनका समयबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन समुद्री संसाधनों के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Fishing Department Remove Ghost Net

अभियान के दौरान मत्स्य विभाग ने मछुआरों एवं संबंधित हितधारकों को परित्यक्त मछली पकड़ने के जालों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया तथा जिम्मेदार एवं पर्यावरण-अनुकूल मत्स्य पालन पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्हें समुद्र अथवा फिश लैंडिंग सेंटर के आसपास मछली पकड़ने के उपकरण एवं जाल छोड़ने से बचने तथा क्षतिग्रस्त एवं अनुपयोगी जालों को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हेतु निर्धारित संग्रहण केंद्रों (Collection Points) पर जमा कराने की सलाह दी गई।

मत्स्य विभाग ने पुनः अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग टिकाऊ मत्स्य संसाधन प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने, ‘घोस्ट नेट्स’ की समस्या को कम करने, फिश लैंडिंग सेंटरों पर स्वच्छता बनाए रखने तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के समृद्ध समुद्री संसाधनों एवं जैव-विविधता के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाता रहेगा। ऐसी पहलें न केवल समुद्री जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं, बल्कि मछली अवतरण केंद्रों की स्वच्छता में सुधार लाने के साथ-साथ मछुआरा समुदाय के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ कार्य वातावरण भी उपलब्ध कराती हैं।

इस अभियान का संचालन श्री हेमंतो किर्टोनिया, प्रभारी, फिश लैंडिंग सेंटर, जंगलीघाट के नेतृत्व में किया गया। अभियान में मत्स्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, मछुआरा समुदाय के सदस्यों तथा श्री विजय पुरम म्युनिसिपल काउंसिल (SVPMC) के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

अभियान के दौरान लगभग 600 किलोग्राम परित्यक्त एवं अनुपयोगी मछली पकड़ने के जाल (घोस्ट नेट्स) एकत्रित किए गए। इन्हें फिश लैंडिंग सेंटर परिसर से सुरक्षित रूप से हटाकर पर्यावरण-अनुकूल एवं वैज्ञानिक विधि से निस्तारित किया गया।

मत्स्य विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में सभी मछुआरों, मत्स्य व्यापारियों एवं संबंधित हितधारकों से अपील की गई है कि वे समुद्री पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी ऐसी पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाएँ तथा जिम्मेदार एवं टिकाऊ मत्स्य पालन पद्धतियों को अपनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए समुद्री जैव-विविधता एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

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