25 किलोमीटर NH सड़क के स्थायी सुधार की मांग, महज गड्ढे भरने के प्रस्ताव पर जताई आपत्ति

Panchawati NH4

Editor: Sangita Singh

रंगत- दशरथपुर साईं बाबा मंदिर से थोराटांग नाला पुल तक लगभग 25 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की बदहाल स्थिति को लेकर ग्राम पंचायत शिवापुरम के प्रधान वेंकटेश्वर राव ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र भेजकर सड़क की तत्काल तकनीकी जांच तथा पूरे मार्ग पर मानक के अनुरूप बिटुमिनस ब्लैक टॉपिंग और री-सर्फेसिंग कराने की मांग की है।

प्रधान ने अपने पत्र में कहा है कि इस सड़क खंड की खराब स्थिति को लेकर पूर्व में भी कई बार प्रतिनिधित्व दिया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, क्षतिग्रस्त सतह, कीचड़, जलभराव और फिसलन जैसी समस्याओं के कारण आम लोगों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ गया है।

पत्र के अनुसार, M/s Garg & Sons Estate Promoters Pvt. Ltd. द्वारा किए गए मरम्मत एवं रखरखाव कार्य के मार्च 2026 के अंत तक पूरा होने की बात कही गई थी। प्रधान ने दावा किया है कि कार्य पूरा होने के लगभग एक माह के भीतर ही सड़क के कई हिस्सों में दोबारा गंभीर क्षति दिखाई देने लगी। उन्होंने इस स्थिति को देखते हुए पूर्व में किए गए कार्य की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, निष्पादित मात्रा तथा निर्धारित राष्ट्रीय राजमार्ग तकनीकी मानकों के अनुपालन की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

पत्र में सड़क की बदहाल स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि पद्मनाभपुरम से अमकुंज और निंबुतला तक की यात्रा, जो पहले लगभग 10 मिनट में पूरी हो जाती थी, अब सड़क की खराब स्थिति के कारण करीब 45 मिनट तक का समय ले रही है।

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DISHA समिति की बैठक में उठे मुद्दे का भी हवाला

वेंकटेश्वर राव ने अपने पत्र में 4 सितंबर 2026 को DC कार्यालय, मायाबंदर में सांसद श्री बिष्णु पदा राय की अध्यक्षता में आयोजित DISHA समिति की बैठक का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, बैठक के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उक्त सड़क खंड के मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य हाल ही में M/s Bulliro Company (N.K. Singla Construction) को सौंपा गया है।

पत्र में दावा किया गया है कि प्रस्तावित कार्य का दायरा कथित तौर पर लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से केवल गड्ढों की मरम्मत/भराई तक सीमित हो सकता है। प्रधान ने इस प्रकार की अस्थायी मरम्मत पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इतने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए केवल गड्ढे भरना स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने पूरे प्रभावित मार्ग पर टिकाऊ और NH मानकों के अनुरूप बिटुमिनस ब्लैक टॉपिंग एवं री-सर्फेसिंग कराने की मांग की है।

पांच प्रमुख मांगें रखीं

NHIDCL क्षेत्रीय अधिकारी को भेजे गए पत्र में प्रधान ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पूरे 25 किलोमीटर सड़क खंड का सक्षम तकनीकी अधिकारियों द्वारा संयुक्त तकनीकी निरीक्षण, पूर्व में किए गए मरम्मत कार्य का BOQ, निष्पादित मात्रा, सामग्री और गुणवत्ता के आधार पर मूल्यांकन, तथा वर्तमान कार्यादेश के दायरे की तकनीकी समीक्षा शामिल है।

उन्होंने मांग की है कि यदि वर्तमान कार्यादेश केवल अस्थायी गड्ढा भराई तक सीमित है, तो निर्धारित तकनीकी एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी समीक्षा/निरस्तीकरण कर पूरे सड़क खंड की बिटुमिनस ब्लैक टॉपिंग एवं री-सर्फेसिंग के लिए नया कार्यादेश जारी किया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने चल रहे और भविष्य के कार्यों में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच, फील्ड स्तर पर कड़ी तकनीकी निगरानी और NHIDCL/MoRTH के निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

सार्वजनिक धन के उचित उपयोग पर जोर

प्रधान ने पत्र में कहा है कि यदि बार-बार की जाने वाली अस्थायी मरम्मत कुछ ही सप्ताह में फिर विफल हो जाती है, तो इससे सार्वजनिक धन के उपयोग पर सवाल उठता है। इसलिए उनके अनुसार ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे सड़क की मरम्मत केवल तत्काल समस्या का समाधान न होकर लंबे समय तक टिकाऊ साबित हो।

उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते वे इस मामले को व्यापक जनहित में उठा रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि मौजूदा सीमित कार्यादेश में आवश्यक संशोधन नहीं किया जाता और सड़क के स्थायी पुनर्स्थापन की दिशा में कार्रवाई नहीं होती, तो वे प्रभावित ग्रामीणों के साथ शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत लोकतांत्रिक विरोध का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य हो सकते हैं, जिसमें NHIDCL के क्षेत्रीय कार्यालय, श्री विजयपुरम में प्रदर्शन भी शामिल हो सकता है।

साथ ही, यदि पूर्व या वर्तमान कार्य व्यवस्था में जांच के दौरान प्रथम दृष्टया कोई अनियमितता, घटिया कार्य, गलत माप, अनधिकृत विचलन अथवा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला सामने आता है, तो उन्होंने कानून के अनुसार सक्षम एजेंसियों से व्यापक जांच कराने की मांग उठाने की बात कही है।

प्रधान वेंकटेश्वर राव ने अंत में NHIDCL से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दशरथपुर साईं बाबा मंदिर से थोराटांग नाला पुल तक के प्रभावित सड़क खंड को सुरक्षित, टिकाऊ और निर्धारित राष्ट्रीय राजमार्ग मानकों के अनुरूप बिटुमिनस ब्लैक-टॉप सड़क के रूप में बहाल कराने की मांग की है।

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