चैथम के नए व्हीकल फेरी जेटी पर हो गणेश और दुर्गा विसर्जन: ‘हिंदू राष्ट्र शक्ति’ ने उपराज्यपाल और सांसद को लिखा पत्र

Hindu Rashtra Shakti

Editor: Pankaj Singh

श्री विजयापुरम: श्री गणेश उत्सव और दुर्गा पूजा के आगामी विसर्जन समारोहों को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराने के लिए संगठन ‘हिंदू राष्ट्र शक्ति’ ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन से एक महत्वपूर्ण अपील की है। संगठन के प्रदेश युवा अध्यक्ष अंशुमान रॉय ने माननीय उपराज्यपाल, सांसद, मुख्य सचिव और दक्षिण अंडमान के उपायुक्त (DC) को पत्र भेजकर मांग की है कि इस वर्ष मूर्तियों के विसर्जन के लिए चैथम स्थित नए बने व्हीकल फेरी जेटी को ही एकमात्र और अधिकृत स्थान घोषित किया जाए।

जंगलीघाट जेटी पर व्यवस्थाओं का अभाव और असुविधाएँ

पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि चैथम पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण वहां विसर्जन प्रतिबंधित है, लेकिन इसके विकल्प के रूप में प्रस्तावित जंगलीघाट जेटी पूरी तरह से अनुपयुक्त है। संगठन का कहना है कि पिछले वर्षों में जंगलीघाट जेटी पर विसर्जन के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली थी।

कम ज्वार (Low Tide) और गंदगी: जंगलीघाट के पास गंदा पानी जमा रहता है और कम ज्वार के कारण कई बार मूर्तियाँ पूरी तरह से जलमग्न नहीं हो पातीं, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचती है।

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यातायात और आवासीय क्षेत्र को समस्या: जंगलीघाट और प्रेम नगर की सड़कें बेहद संकरी हैं। विसर्जन जुलूसों के दौरान यहाँ घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंशुमान रॉय ने बताया कि चैथम के सामने बना नया व्हीकल फेरी जेटी आधुनिक सुविधाओं से लैस है।

ज्वार-भाटे से मुक्त संचालन: इसका डिज़ाइन ऐसा है कि ज्वार (High/Low Tide) का इस पर कोई असर नहीं पड़ता और विसर्जन प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के संपन्न हो सकती है।

सुगम यातायात: चौड़ी सड़कें होने के कारण भारी वाहनों और जुलूसों को शहर के तंग आवासीय इलाकों से गुजरना नहीं पड़ेगा, जिससे यातायात व्यवस्था भी बनी रहेगी।

अंशुमान रॉय ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले चैथम के इस नए जेटी स्थल का एक संयुक्त निरीक्षण (Joint Survey) कराया जाए। इस सर्वेक्षण में ‘हिंदू राष्ट्र शक्ति’ के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी पूजा समितियों, पोर्ट मैनेजमेंट बोर्ड (PMB), मरीन पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को शामिल किया जाए ताकि सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा की जा सके।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए संगठन ने प्रस्ताव रखा है कि विसर्जन के अगले ही दिन मुंबई की तर्ज पर एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसमें श्री विजयापुरम नगर परिषद, स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), NCC कैडेटों, JNRM, B.Ed तथा लॉ कॉलेज के छात्रों, तटरक्षक बल (Coast Guard) और स्वयंसेवकों को शामिल करके समुद्री तट और पर्यावरण को तुरंत स्वच्छ किया जाए।

इसके साथ ही, पत्र में प्रशासन से यह भी अनुरोध किया गया है कि पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूसों के दौरान अश्लील बॉलीवुड गानों को बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही, पंडाल परिसरों के भीतर किसी भी प्रकार की जुआ गतिविधियों (Gambling) को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के सख्त निर्देश जारी किए जाएं ताकि पर्व की पवित्रता और मर्यादा बनी रहे। संगठन ने उम्मीद जताई है कि जनहित और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस अपील पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगा।

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