Editor: Pankaj Singh
श्री विजयपुरम- श्री विजयपुरम स्थित जी.बी. पन्त अस्पताल के मुख्य द्वार और शवगृह (Mortuary Block) गेट के समीप अनियमित और बेतरतीब वाहन पार्किंग के कारण मरीजों, तीमारदारों तथा आपातकालीन सेवाओं को हो रही भारी कठिनाइयों को लेकर ‘हिंदू राष्ट्र शक्ति’ (HRS) ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन के राज्य युवा अध्यक्ष अंशुमान रॉय ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP), अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा सहायक सचिव (एआर विंग), अंडमान एवं निकोबार प्रशासन को ईमेल के जरिए मुद्दा से अवगत कराया।
ईमेल के माध्यम से संगठन ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि अस्पताल परिसर के मुख्य मार्गों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के अनियंत्रित रूप से खड़े रहने के कारण प्रतिदिन जाम की स्थिति बन रही है। विशेषकर सुबह 7:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे के व्यस्त समय में जब मरीजों, डॉक्टरों, कर्मचारियों और आगंतुकों का भारी आवागमन होता है, तब यह स्थिति अत्यंत विकट हो जाती है। कई बार बेतरतीब पार्किंग के कारण गंभीर मरीजों को ला रही एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे मरीजों की जान पर खतरा बन आता है।

अंशुमान रॉय ने कहा कि जी.बी. पन्त अस्पताल पूरे द्वीप समूह का एक प्रमुख रेफरल अस्पताल है। इसके बावजूद अस्पताल के गेटों के आसपास यातायात नियंत्रण की कोई सुदृढ़ व्यवस्था न होना चिंताजनक है। अस्पताल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों को बार-बार सूचित किए जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है।
हिंदू राष्ट्र शक्ति द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें:
- समर्पित यातायात पुलिस की तैनाती: अस्पताल के मुख्य द्वार, शवगृह गेट और अन्य संवेदनशील बिंदुओं पर सुबह 7:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक यातायात पुलिस (Traffic Police) के जवानों की नियमित तैनाती की जाए।
- व्यवस्थित पार्किंग एवं संकेतक: परिसर में और आसपास दोपहिया व चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल चिह्नित किए जाएं। साथ ही स्पष्ट ‘पार्किंग’ और ‘नो-पार्किंग’ के साइनबोर्ड तथा रोड मार्किंग लगाए जाएं।
- संयुक्त निरीक्षण एवं दीर्घकालिक योजना: ट्रैफिक पुलिस, अस्पताल प्रशासन और संबंधित नागरिक निकायों द्वारा संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण कर एक स्थाई यातायात प्रबंधन योजना (Traffic Management Plan) तैयार की जाए, जिसमें प्रवेश/निकास द्वार और आपातकालीन मार्ग पूरी तरह स्पष्ट हों।
- सख्त कानूनी कार्रवाई: आपातकालीन मार्गों और नो-पार्किंग क्षेत्रों में बार-बार वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ यातायात नियमों के तहत सख्त और निरंतर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
संगठन ने प्रशासन से इस जनहित के मुद्दे को प्राथमिकता पर लेते हुए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि अस्पताल आने वाले हजारों आम नागरिकों, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को राहत मिल सके।















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