Editor: Pankaj Singh
श्री विजय पुरम– अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के इन-सर्विस शिक्षकों को Teacher Eligibility Test (TET) की अनिवार्य योग्यता प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सांसद बिष्णु पदा राय ने प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है।
सांसद ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि State Institute of Education (SIE) के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश के इन-सर्विस शिक्षकों के लिए TET आयोजित कराने की व्यवहार्यता की जांच की जाए और यदि यह लागू नियमों के तहत संभव हो तो आवश्यक स्वीकृति एवं मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
पत्र में सांसद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के मद्देनजर PSTS एवं GTTs में कार्यरत ऐसे इन-सर्विस शिक्षकों, जिन्होंने अभी तक आवश्यक TET योग्यता हासिल नहीं की है, को निर्धारित समय सीमा के भीतर यह योग्यता प्राप्त करनी होगी। ऐसे में परीक्षा के सीमित अवसर शिक्षकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
सांसद के अनुसार, वर्तमान में द्वीपों के शिक्षक मुख्य रूप से CBSE द्वारा आयोजित Central Teacher Eligibility Test (CTET) पर निर्भर हैं। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा के सीमित अवसरों के कारण शिक्षकों को TET योग्यता हासिल करने में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अंडमान-निकोबार की भौगोलिक स्थिति, द्वीपों के बीच दूरी तथा मुख्यभूमि तक यात्रा से जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियां भी इस समस्या को और गंभीर बनाती हैं।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में, लागू नियमों के अनुरूप, अधिकृत अथवा मान्यता प्राप्त परीक्षा निकायों के माध्यम से शिक्षकों के लिए TET आयोजित किए जाने की व्यवस्था की गई है। ऐसी व्यवस्थाओं से शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने के अतिरिक्त अवसर मिलते हैं तथा उन्हें केवल एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा एजेंसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
इसी संदर्भ में सांसद ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के अंतर्गत पहले से स्थापित State Institute of Education (SIE) की भूमिका पर विचार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने मुख्य सचिव से यह जांचने का आग्रह किया है कि क्या SIE को सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति तथा भारत सरकार, NCTE, CBSE अथवा अन्य संबंधित नियामक प्राधिकरणों के निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुपालन के साथ इन-सर्विस शिक्षकों के लिए TET आयोजित करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है।
सांसद ने कहा कि यदि लागू नियमों के तहत यह व्यवस्था व्यवहार्य और अनुमेय पाई जाती है, तो स्थानीय स्तर पर TET परीक्षा आयोजित होने से द्वीपों के शिक्षकों को काफी सुविधा मिल सकती है। विशेष रूप से दूरदराज और भौगोलिक रूप से बिखरे हुए द्वीपों में कार्यरत शिक्षकों को मुख्यभूमि स्थित परीक्षा केंद्रों तक यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी।
पत्र में यह भी कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर परीक्षा आयोजित होने से शिक्षकों के पेशेवर दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम किया जा सकेगा तथा उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक TET योग्यता हासिल करने के लिए अधिक अवसर मिल सकेंगे।
सांसद बिष्णु पद राय ने मुख्य सचिव से मामले को प्राथमिकता के आधार पर जांचने, SIE के माध्यम से TET आयोजित करने की व्यवहार्यता का आकलन करने तथा यदि संभव हो तो संबंधित वैधानिक एवं नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक मान्यता, अनुमति और स्वीकृति प्राप्त करने के लिए कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है।
अब इस प्रस्ताव पर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर इन-सर्विस शिक्षकों की नजरें टिकी हैं। यदि नियमानुसार ऐसी व्यवस्था को मंजूरी मिलती है, तो इससे अंडमान-निकोबार के शिक्षकों को TET परीक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होने की संभावना बन सकती है।















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