Report : Sangita Singh
उत्तर और मध्य अंडमान, 04 जून 2026- ICAR–कृषि विज्ञान केंद्र, निंबुडेरा ने UTATMA, कृषि विभाग, A & N प्रशासन के सहयोग से, हरि नगर, उत्तरी एवं मध्य अंडमान में ‘खेत बचाओ अभियान 2026’ के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ के महत्व, उर्वरकों के संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के तरीकों, तथा किसान समुदाय के कल्याण के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान, विशेषज्ञों ने हरी खाद, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन और अन्य टिकाऊ कृषि पद्धतियों के माध्यम से मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया। किसानों को मिट्टी की उर्वरता में सुधार, फसल उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में जैविक और प्राकृतिक खेती के लाभों से भी अवगत कराया गया।
प्रतिभागियों ने संसाधन व्यक्तियों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की और फसल उत्पादन, पोषक तत्व प्रबंधन तथा सरकारी सहायता कार्यक्रमों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। इस कार्यक्रम ने वैज्ञानिक कृषि ज्ञान के प्रसार और जिले में टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।
यह कार्यक्रम KVK निंबुडेरा के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख (प्रभारी) डॉ. वाई. रामकृष्ण और ICAR-CIARI, श्री विजयपुरम के निदेशक (कार्यवाहक) डॉ. जय सुंदर के समग्र मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में कुल 21 किसानों और महिला किसानों ने भाग लिया।
































