Report : Pankaj Singh
रंगत, 20 जून 2026- ICAR–KVK निंबुडेरा ने UTATMA और A&N प्रशासन के कृषि विभाग के साथ मिलकर, 17 से 19 जून 2026 के बीच उत्तरी और मध्य अंडमान के रंगत ब्लॉक के पेरनासाला, जनकपुर और सीतापुर गांवों में “खेत बचाओ अभियान 2026” के तहत जागरूकता कार्यक्रमों की एक श्रृंखला सफलतापूर्वक आयोजित की।

इस कार्यक्रम का मकसद किसानों और महिला किसानों को खेती के ऐसे टिकाऊ तरीकों के बारे में जागरूक करना था, जिनसे फ़सल की पैदावार बढ़े, मिट्टी की सेहत बनी रहे और खेती से होने वाली आमदनी में बढ़ोतरी हो। इसमें शामिल लोगों को संतुलित खाद के इस्तेमाल, सॉइल हेल्थ कार्ड (मिट्टी की सेहत से जुड़े कार्ड) के महत्व, वर्मीकम्पोस्टिंग और कम्पोस्टिंग के ज़रिए पोषक तत्वों के मिले-जुले प्रबंधन, बायो-फ़र्टिलाइज़र से बीज के उपचार, वैज्ञानिक तरीके से धान की खेती, कीटों के मिले-जुले प्रबंधन और जैविक व प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाने के बारे में जानकारी दी गई।
किसान-विशेषज्ञ बातचीत सत्रों ने किसानों को खेत-स्तर की चुनौतियों पर चर्चा करने और अपने अनुभव साझा करने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान किया। विशेषज्ञों ने कुशल इनपुट उपयोग, जलवायु-अनुकूल कृषि, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, एकीकृत कीट प्रबंधन और टिकाऊ फसल उत्पादन के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर व्यावहारिक सुझाव दिए।
इस कार्यक्रम में कुल 57 किसानों और महिला किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और टिकाऊ तथा पर्यावरण के अनुकूल खेती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
यह कार्यक्रम ICAR–KVK निंबुडेरा के प्रधान वैज्ञानिक और प्रमुख (प्रभारी) डॉ. वाई. रामकृष्ण और ICAR–CIARI, श्री विजय पुरम के निदेशक (कार्यवाहक) डॉ. जय सुंदर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था।
हम मिलकर खेती करने वाले समुदायों को ऐसी जानकारी और तकनीकें देकर सशक्त बनाना जारी रखेंगे जो मिट्टी के संरक्षण, टिकाऊ उत्पादकता और जलवायु-अनुकूल खेती में सहायक हों।















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