Report: Pankaj Singh
श्री विजयापुरम, 29 जुलाई 2026- श्री विजयापुरम में एक ही स्थान पर एक दूसरे से कुछ ही दूरी पर दो बस स्टैंड हैं, एक STS का सरकारी बस स्टैंड तो दूसरा मोहनपुरा का प्राइवेट बस स्टैंड, और दोनों बस स्टैंड की सुविधाएं और बुनियादी ढांचे में जमीन आसमान का अंतर है। जहाँ STS बस टर्मिनल का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से पक्का है, और यात्रियों के सहुलियत के अनुरूप है, जहां उचित वेटिंग हॉल है, पक्का और उचित बस स्टैंड है, हर सुविधा सुनिश्चित है।
तो वहीं मोहनपुरा का प्राइवेट बस स्टैंड का हाल बहुत ही बुरा है, जगह पक्का न होने के कारण वहां हर अंतराल में बड़े-बड़े गड्ढे बन जाते हैं, बरसात में हाल और भी बुरा हो जाता है और उन गड्ढों में पानी जमा हो जाता है। यात्रियों के ठहरने के लिए कोई उचित आश्रय नहीं है, एक आश्रय है लेकिन बरसात में उसमें से भी पानी गिरता रहता है, जिस कारण अक्सर यात्री भीग जाते है।

मोहनपुरा प्राइवेट बस स्टैंड पर लोकल और NH4 पर चलने वाले दोनों बस खड़े होते हैं, और रोजाना वहां से हजारों यात्रियों की आवाजाही होती हैं, फिर भी उस बस स्टैंड का ऐसा बुरा हाल कई सालों से है, जब हालात बहुत खराब हो जाते हैं तो कभी-कभार वहां मिट्टी डालकर घड्डो को भर दिया जाता है, या फिर शेल्टर का थोड़ा बहुत मरम्मत करा दिया जाता है। लेकिन वो ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाता और कुछ ही दिनों में वहां गड्ढे बन जाते हैं।
देखा जाए तो मोहनपुरा प्राइवेट बस स्टैंड को कम से कम पक्का करने की जरूरत है ताकि वहां गड्ढे ना बन पाएं और ना ही पानी का जमाव हो सके, शेल्टर को दोबारा पक्का और उचित तरीके से बनाया जाए ताकि यात्री आराम से वहां बैठ सकें, पीने का पानी की सुविधा का लाभ मिल सके। लेकिन इस तरह की बेसिक सुविधा भी वहां पर नहीं है। क्या मोहनपुरा प्राइवेट बस स्टैंड को हर बार इसी तरह उपेक्षा का सामना करना पड़ेगा?, और यात्री इसी तरह परेशान होते रहेंगे!















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