Report: Pankaj Singh
श्री विजयापुरम, 11 जुलाई- अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के कृषि विभाग ने आज दक्षिण अंडमान तथा उत्तर एवं मध्य अंडमान के दो पायलट जिलों में ‘फर्टिलाइज़र सेल्स फ्रेमवर्क (Fertilizer Sales Framework-FFS)’ का पायलट रोल-आउट सफलतापूर्वक प्रारंभ किया। यह आधुनिक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सब्सिडी वाले उर्वरकों के वितरण को अधिक पारदर्शी, कुशल, जवाबदेह एवं किसान-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
FFS एक एकीकृत डिजिटल प्रणाली है, जो मोबाइल एप्लिकेशन को पॉइंट ऑफ़ सेल (POS) प्रणाली तथा इंटीग्रेटेड फ़र्टिलाइज़र मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) से जोड़ती है। इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से किसान अग्रिम रूप से उर्वरकों की बुकिंग कर सकेंगे, QR कोड अथवा डिजिटल टोकन प्राप्त कर सकेंगे तथा निर्धारित उप-डिपो से सुविधाजनक एवं व्यवस्थित तरीके से उर्वरकों की खरीद कर सकेंगे।

प्लेटफ़ॉर्म के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग द्वारा दोनों पायलट जिलों में व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में किसानों, पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के प्रतिनिधियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS), किसान उत्पादक संगठनों (FPO), स्वयं सहायता समूहों (SHG), किसान मित्रों, उर्वरक विक्रेताओं तथा कृषि विस्तार कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
FFS का उपयोग मोबाइल एप्लिकेशन, वेब पोर्टल तथा द्वीपों में स्थापित विशेष सुविधा केंद्रों के माध्यम से किया जा सकेगा। प्लेटफ़ॉर्म पर आधार-आधारित बायोमेट्रिक e-KYC अथवा OTP आधारित प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गई है, जिससे सेवाओं का सुरक्षित, पारदर्शी एवं विश्वसनीय वितरण सुनिश्चित होगा।
इस डिजिटल पहल के माध्यम से कृषि विभाग ने उर्वरक वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। FFS के लागू होने से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, उर्वरकों की उपलब्धता एवं इन्वेंट्री प्रबंधन बेहतर होगा, किसानों के प्रतीक्षा समय में कमी आएगी तथा संपूर्ण प्रणाली में जवाबदेही और दक्षता में वृद्धि होगी। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सब्सिडी वाले उर्वरकों का लाभ वास्तविक एवं पात्र किसानों तक समयबद्ध तरीके से पहुँचे।
कृषि विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि वे फर्टिलाइज़र सेल्स फ्रेमवर्क (FFS) प्लेटफ़ॉर्म का अधिकाधिक उपयोग करें और इस नई डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाएँ। विभाग ने यह भी आश्वस्त किया है कि प्लेटफ़ॉर्म के सुचारु संचालन एवं अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए फ़ील्ड स्तर के कर्मचारियों तथा नामित सुविधा केंद्रों के माध्यम से निरंतर तकनीकी सहायता एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता रहेगा।















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