Report: Pankaj Singh
स्वराज द्वीप, 14 जुलाई 2026- पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पर्यटन विभाग ने स्वराज द्वीप स्थित प्रसिद्ध एलिफेंट बीच पर एचडीपीई (HDPE) फ्लोटिंग जेटी सिस्टम की मरम्मत, पुनर्स्थापना तथा विस्तार का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस परियोजना के पूर्ण होने से लंबे समय से बाधित एक महत्वपूर्ण पर्यटन सुविधा पुनः बहाल हो गई है, जो समुद्र की तीव्र लहरों तथा बार-बार आने वाले चक्रवातों के कारण गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी।
आज अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव ने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस उन्नत फ्लोटिंग जेटी का औपचारिक उद्घाटन किया।

नवनिर्मित एवं उन्नत फ्लोटिंग जेटी से एलिफेंट बीच आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा। परियोजना के अंतर्गत मौजूदा फ्लोटिंग संरचना की व्यापक मरम्मत की गई, क्षतिग्रस्त एचडीपीई क्यूबिकल्स को नए क्यूबिकल्स से प्रतिस्थापित किया गया तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत स्टेनलेस-स्टील हैंडरेल्स स्थापित किए गए।
इसके अतिरिक्त, परियोजना के तहत मुख्य प्रथम एवं द्वितीय एचडीपीई फ्लोटिंग जेटी का विस्तार भी किया गया है। पहली जेटी की लंबाई 86 मीटर तथा दूसरी जेटी की लंबाई 56.50 मीटर तक बढ़ाई गई है, जिससे पर्यटकों एवं नौकाओं की आवाजाही अधिक सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित हो सकेगी।
इस उन्नत सुविधा से एलिफेंट बीच पर संचालित वॉटर स्पोर्ट्स, स्कूबा डाइविंग तथा अन्य समुद्री पर्यटन गतिविधियों का संचालन अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं निर्बाध रूप से सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग ने 4 जून, 2026 को एलिफेंट बीच पर पर्यावरण-अनुकूल चेंजिंग रूम एवं फर्स्ट एड रूम के नवीनीकरण को भी स्वीकृति प्रदान की है। इन सुविधाओं के विकसित होने से पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित अनुभव प्राप्त होगा।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष मार्च 2026 में पर्यटन विभाग द्वारा स्वराज द्वीप स्थित कार्गो जेटी के बाईं ओर एक नई एचडीपीई फ्लोटिंग जेटी का भी निर्माण कराया गया था। इस सुविधा का उद्देश्य एलिफेंट बीच जाने वाले पर्यटकों के लिए नौकाओं पर सुरक्षित रूप से चढ़ने एवं उतरने की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
अंडमान एवं निकोबार प्रशासन द्वारा पर्यटन अवसंरचना के विकास हेतु किए जा रहे ये प्रयास द्वीपों में सुरक्षित, आधुनिक एवं पर्यटक-अनुकूल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं। इन परियोजनाओं से न केवल पर्यटकों के समग्र अनुभव में सुधार होगा, बल्कि स्वराज द्वीप में जल-आधारित पर्यटन के सतत एवं संतुलित विकास को भी नई गति मिलेगी।















Leave a Reply