रंगत में सामुदायिक मसाला उद्यान के तहत दालचीनी पौधारोपण, दिसंबर तक एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

Agriculture Rangat

Editor: Sangita Singh

रंगत, 28 अक्टूबर 2026– अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में मसालों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा सामुदायिक मसाला उद्यान स्थापित करने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में कृषि विभाग ने ग्राम पंचायत पर्णशाला के सहयोग से पर्णशाला स्थित ‘कम्युनिटी स्पाइस गार्डन’ (सामुदायिक मसाला उद्यान) में दालचीनी के पौधे लगाए। यह पहल पी.एम–आर.के.वी.वाई (PM-RKVY) योजना तथा ‘स्पाइस प्रवाह’ (SPICE PRAVAH) मिशन के अंतर्गत संचालित अभियान का हिस्सा है।

पौधारोपण कार्यक्रम में रंगत के सहायक आयुक्त श्री दीपांशु वोहरा, तहसीलदार श्री कैस्पर जेम्स और पर्णशाला ग्राम पंचायत के प्रधान श्री बालमुरुगन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित प्रतिनिधियों ने कृषि विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे द्वीपों में मसालों की खेती का विस्तार करने, किसानों की आजीविका को मजबूत बनाने और टिकाऊ कृषि विकास को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है।

इस परियोजना के तहत रंगत क्षेत्र में कुल 40 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है। इसमें पांच ग्राम पंचायतों का कुल 30 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित है। पंचायतवार विवरण के अनुसार, बकुलतला में 11 हेक्टेयर, निंबुतला में 7 हेक्टेयर, कौशल्यानगर में 7 हेक्टेयर, उत्तरा में 3 हेक्टेयर और पर्णशाला में 2 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इसके अतिरिक्त, सी.पी चित्रकूट स्थित विभागीय फार्म के 10 हेक्टेयर क्षेत्र को भी परियोजना में शामिल किया गया है।

परियोजना की शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को की गई थी। इसके अंतर्गत दिसंबर 2026 के अंत तक दालचीनी के कुल एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान एविलैंड मीडिया की ओर से वीडियो रिपोर्टिंग कर परियोजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई गई। रिपोर्टिंग के दौरान पी.एम–आर.के.वी.वाई योजना, स्पाइस प्रवाह मिशन तथा सामुदायिक मसाला उद्यान की स्थापना और इसके उद्देश्यों से जुड़े सवाल–जवाब किए गए।

इस दौरान सहायक निदेशक कृषि श्रीमती शर्ली थॉमस, रंगत के सहायक आयुक्त श्री दीपांशु वोहरा, तहसीलदार श्री कैस्पर जेम्स और पर्णशाला ग्राम पंचायत के प्रधान श्री बालमुरुगन ने परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और इस पहल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।

कृषि विभाग, ग्राम पंचायतों और किसान समुदाय के समन्वित प्रयासों से संचालित इस परियोजना का उद्देश्य द्वीपों में मसालों की टिकाऊ खेती के लिए मजबूत आधार तैयार करना है। साथ ही, किसानों की आय बढ़ाने, मसाला उत्पादन को प्रोत्साहित करने और भविष्य में इस क्षेत्र में कृषि गतिविधियों का दीर्घकालिक विस्तार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

दालचीनी के एक लाख पौधे लगाने का निर्धारित लक्ष्य पूरा होने पर रंगत क्षेत्र में सामुदायिक मसाला उद्यानों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। यह पहल स्थानीय किसानों को मसालों की खेती से जोड़ने और द्वीपों में कृषि के विविधीकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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