Editor: Sangita Singh
रंगत, 01 नवंबर 2026- आम नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों एवं सरकारी सेवाओं से संबंधित आवेदनों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को रंगत स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में उपराज्यपाल समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रंगत के खंड विकास अधिकारी (BDO) श्री प्रदीप कुमार सिंह ने की।
उल्लेखनीय है कि उपराज्यपाल सचिवालय के निर्देशानुसार इस जनशिकायत निवारण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत प्रत्येक माह की पहली तारीख को उपराज्यपाल समाधान दिवस आयोजित किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याएं एवं शिकायतें सीधे प्रशासन के समक्ष रखने और उनके समाधान की प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिल सके।
कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान PRI प्रतिनिधियों एवं आम जनता ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखा। अधिकारियों ने इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित पक्षों की बात सुनी।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास, बुनियादी सुविधाओं एवं जनसमस्याओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय सामने आए। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल रहे:
- जनकपुर क्वेरी को पुनः खोलने की मांग: स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं अन्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए जनकपुर क्वेरी को दोबारा खोलने का मुद्दा उठाया गया।
- सड़कों पर खुले घूम रहे पशुओं की समस्या: सड़कों पर खुलेआम घूम रहे पशुओं के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की गई।
- BSNL नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या: रंगत के कुछ क्षेत्रों में BSNL नेटवर्क की खराब कनेक्टिविटी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर रंगत के JTO ने तकनीकी पक्ष रखते हुए बताया कि उनकी टीम घर-घर जाकर शिविरों के माध्यम से उपभोक्ताओं की नेटवर्क एवं कनेक्टिविटी संबंधी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रही है।
- Soil Issue करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग: संबंधित प्रक्रिया को आम नागरिकों के लिए अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने का अनुरोध प्रशासन के समक्ष रखा गया।
- बिजली व्यवस्था में सुधार एवं AE कार्यालय को रंगत स्थानांतरित करने की मांग: क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने, संबंधित मशीनरी के उन्नयन (Upgradation) तथा AE कार्यालय को रंगत बे से रंगत स्थानांतरित करने का मुद्दा उठाया गया।
- रंगत में पार्क निर्माण का प्रस्ताव: स्थानीय नागरिकों के लिए मनोरंजन एवं सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रंगत क्षेत्र में एक पार्क विकसित करने की मांग रखी गई।
- भूमिहीन परिवारों को जमीन आवंटित करने की मांग: अंडमान में पूर्व में बसाए गए परिवारों में से कई ऐसे लोगों का मुद्दा उठाया गया, जिनके पास वर्तमान में अपनी जमीन नहीं है। ऐसे परिवारों को जमीन आवंटित करने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी गई।
- मध्य अंडमान में पर्यटन सुविधाओं के विकास की मांग: मध्य अंडमान को पर्यटन के मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाने के लिए पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आता है कि मध्य अंडमान में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावित होने के पीछे राष्ट्रीय राजमार्ग NH-4 (अंडमान ट्रंक रोड) की खराब स्थिति भी एक कारण हो सकती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण पर्यटकों को विभिन्न पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय अनुभवों के अनुसार, जब ATR की स्थिति बेहतर थी, उस समय रंगत क्षेत्र में भी पर्यटकों की आवाजाही देखने को मिलती थी। ऐसे में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क संपर्क व्यवस्था को दुरुस्त करना भी बेहद महत्वपूर्ण है।
- दशरथपुर गांव की समस्याएं: दशरथपुर गांव से संबंधित विभिन्न जनसमस्याओं को ग्राम प्रधान श्रीमती रूपा हलदर एवं श्री अश्वनी मिस्त्री ने प्रशासन के समक्ष रखा। उन्होंने गांव की आवश्यकताओं एवं स्थानीय स्तर पर लोगों को हो रही परेशानियों से अधिकारियों को अवगत कराया।

कार्यक्रम के दौरान BDO रंगत श्री प्रदीप कुमार सिंह ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को धैर्यपूर्वक सुना। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जाना संभव था, उनके संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। वहीं, अन्य महत्वपूर्ण समस्याओं एवं मांगों को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए दर्ज किया गया।
उपराज्यपाल समाधान दिवस का यह आयोजन स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रत्येक माह की पहली तारीख को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से उम्मीद है कि क्षेत्र की लंबित समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिलेगी।















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