Editor: Pankaj Singh
रंगत – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रंगत के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने, नियमित चिकित्सा देखरेख सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से कार्यालय आदेश संख्या 881 जारी किया गया है। इस आदेश के तहत चार मेडिकल अधिकारियों को विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AAM) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के लिए क्षेत्र प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार, डॉ. कौशिक बेपारी को आयुष्मान आरोग्य मंदिर बकुलतला एवं उर्मिलापुर तथा उप-स्वास्थ्य केंद्र श्यामकुंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे प्रत्येक महीने के पहले बुधवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर बकुलतला में चिकित्सा शिविर आयोजित करेंगे।
इसी प्रकार, डॉ. जी. कलावैनी को आयुष्मान आरोग्य मंदिर कौशल्यनगर का क्षेत्र प्रभारी बनाया गया है। वे प्रत्येक महीने के दूसरे बुधवार को यहां चिकित्सा शिविर आयोजित करेंगी।
डॉ. रीमा बिस्वास को आयुष्मान आरोग्य मंदिर निंबुतला की जिम्मेदारी दी गई है। वे प्रत्येक महीने के तीसरे बुधवार को यहां चिकित्सा शिविर आयोजित करेंगी।
वहीं, डॉ. प्रियंका चक्रवर्ती को आयुष्मान आरोग्य मंदिर दशरथपुर एवं उप-स्वास्थ्य केंद्र साबरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे प्रत्येक महीने के चौथे बुधवार को दशरथपुर तथा चौथे शुक्रवार को साबरी में चिकित्सा शिविर आयोजित करेंगी।

आदेश के तहत नामित मेडिकल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं के समन्वय, स्वास्थ्य केंद्रों के नियमित निरीक्षण तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें ओपीडी सेवाओं, मरीजों के उपचार, रेफरल व्यवस्था और नियमित चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता वाले मरीजों के फॉलो-अप की समीक्षा करनी होगी।
इसके अलावा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा अन्य गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित गतिविधियों के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण में सहयोग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य गतिविधियों की समीक्षा भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है।
मेडिकल अधिकारियों को संबंधित आयुष चिकित्सा अधिकारियों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), सहायक नर्स दाइयों (ANM), बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (MPW) तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी नामित मेडिकल अधिकारियों को अपने निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित भ्रमण सुनिश्चित करना होगा। यदि निर्धारित भ्रमण का दिन अवकाश पर पड़ता है, तो भ्रमण अगले कार्यदिवस पर किया जाएगा।
इसके साथ ही, संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य जांच के दायरे, रेफरल व्यवस्था तथा सामने आने वाली समस्याओं और उनके समाधान से संबंधित मासिक रिपोर्ट मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज, CHC रंगत को प्रस्तुत करनी होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य क्षेत्रवार जिम्मेदारी और जवाबदेही निर्धारित करते हुए ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाना है। मेडिकल अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित कर्मचारियों के साथ समन्वय करेंगे।
हालांकि, इस नई जिम्मेदारी के कारण CHC रंगत में मेडिकल अधिकारियों के मौजूदा कर्तव्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी नामित अधिकारी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंगत के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेंगे।
इस पहल से निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित चिकित्सा परामर्श, रोगों की समय पर पहचान, मरीजों के फॉलो-अप और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
















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