Editor: Pankaj Singh
श्री विजयपुरम- खाद्य सुरक्षा विभाग ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर, जिले भर की सभी मछली मंडियों में औचक निरीक्षण किया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या वहां मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए फॉर्मेलिन और अमोनिया जैसे हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने सावधानीपूर्वक जांच की। खाद्य सुरक्षा विभाग और मत्स्य विभाग ने मिलकर विभिन्न मछली बाजारों में औचक निरीक्षण किया, ताकि मछलियों में फॉर्मेलिन और अमोनिया की मौजूदगी का पता लगाया जा सके। उन्होंने हर बाजार में बिकने वाली मछलियों की जांच की और पाया कि वहां बेची जा रही मछलियां सुरक्षित और सामान्य लग रही थीं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने के लिए, अलग-अलग बाज़ारों से मछली के नमूने लिए। इन नमूनों को उचित ‘कोल्ड चेन’ (ठंडी स्थिति) बनाए रखते हुए, वैज्ञानिक जांच के लिए NABL-मान्यता प्राप्त और FSSAI-अनुमोदित प्रयोगशाला में भेजा गया। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, जिसके नतीजों से पुष्टि होती है कि मछली के नमूनों में फॉर्मेलिन या अमोनिया जैसे कोई भी हानिकारक रसायन नहीं पाए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग नियमित रूप से मछली और मछली से बने उत्पादों का निरीक्षण और परीक्षण करता है। इससे पहले, मार्च 2026 में, विभाग ने मत्स्य विभाग के साथ मिलकर शहर की प्रमुख मछली मंडियों में इस तरह के अभियान चलाए थे। मंडियों में मौजूद मछलियों का परीक्षण ICAR-CIFT द्वारा विकसित ‘रैपिड फिश टेस्टिंग किट’ की मदद से किया गया, ताकि उनमें अमोनिया और फॉर्मेलिन जैसे रासायनिक परिरक्षकों (केमिकल प्रिजर्वेटिव्स) की मौजूदगी का पता लगाया जा सके। मोहनपुरा, जंगलीघाट, शादीपुर और बाथूबस्ती की मछली मंडियों में कुल 323 मछली के नमूनों का परीक्षण किया गया और इन सभी मछलियों में फॉर्मेलिन और अमोनिया नहीं पाए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बाज़ारों में मछली बेचने वालों को मानव स्वास्थ्य पर रासायनिक परिरक्षकों (केमिकल प्रिजर्वेटिव्स) के बुरे प्रभावों और इस अधिनियम के तहत होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में जागरूक किया। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वीपवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और बाज़ार में बिकने वाली खाद्य सामग्रियों पर कड़ी नज़र रखता है।
यहाँ प्राप्त एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, खाद्य सुरक्षा आयुक्त (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) / उपायुक्त (दक्षिण अंडमान) ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कोई अनियमितता दिखाई देती है, तो वे फोन नंबर 236112 या जिला कार्यालय नियंत्रण कक्ष के टोल-फ्री नंबर 1070 पर अधिकारियों को सूचित करें।















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