Editor: Pankaj Singh
श्री विजयपुरम – अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के माननीय उपराज्यपाल के निर्देशों के अनुसार, दक्षिण अंडमान जिला पुलिस ने ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रमों का आयोजन किया। ये कार्यक्रम 07 नवंबर 2026 को दक्षिण अंडमान जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में, और 06 नवंबर 2026 को शहीद द्वीप पुलिस स्टेशन में आयोजित किए गए, जिनका संचालन स्वराज द्वीप के एस.डी.पी.ओ (SDPO) द्वारा किया गया। इस पहल ने नागरिकों को एक सीधा मंच प्रदान किया, जहाँ वे पुलिस से संबंधित अपनी शिकायतों, चिंताओं और सुझावों को सामने रख सकें।
श्री विजय पुरम में आयोजित जन सुनवाई के दौरान, दक्षिण अंडमान जिले के पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों को लेकर शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। शिकायतकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों को जांच और आगे की कार्रवाई के लिए विधिवत नोट कर लिया गया।
इसके अलावा, शहीद द्वीप पर भी जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्वराज द्वीप के एसडीपीओ (SDPO) के साथ-साथ आम जनता और पंचायती राज संस्था (PRI) के सदस्यों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए, जिन्हें एसडीपीओ ने नोट कर लिया और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का उचित समाधान किया जाएगा।
जन सुनवाई के समापन के बाद, SDPO स्वराज द्वीप ने ‘अपराजिता’ (आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम) में भाग लेने वालों से बातचीत की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के माननीय उप-राज्यपाल के निर्देश पर आयोजित किया गया था। प्रतिभागियों ने स्कूली छात्राओं के लिए पुलिस द्वारा चलाए गए इस आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने माना कि यह कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
साथ ही यह भी बताया गया कि पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय और SDPO स्तर पर नियमित रूप से ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। इससे अलग-अलग इलाकों के नागरिक आसानी से पुलिस सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे और अपने पास के पुलिस कार्यालयों में अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे।
दक्षिण अंडमान जिला पुलिस, पुलिस और जनता के बीच संबंधों को मजबूत करने, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने, जनता का विश्वास बढ़ाने, तथा ऐसी पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो नागरिकों के लिए अधिक सुलभ, त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली और नागरिक-केंद्रित हो।
किसी भी आपातकालीन स्थिति में, आम जनता से आग्रह है कि वे तुरंत 112 (टोल-फ्री पुलिस आपातकालीन हेल्पलाइन) पर कॉल करें, ताकि पुलिस से त्वरित सहायता और प्रतिक्रिया मिल सके। समय पर कार्रवाई और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध है।
















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