Report : Pankaj Singh
दिनांक 20 जनवरी 2026, “पर्यावरण संरक्षण एवं भूजल संरक्षण हेतु जीवनशैली में परिवर्तन अपनाना” विषय पर एक जन संवाद कार्यक्रम दिनांक 16 जनवरी 2026 को सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कदमतला, उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कदमतला क्षेत्र के चार विद्यालयों— सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कदमतला; सरकारी माध्यमिक विद्यालय, कदमतला; सरकारी मध्य विद्यालय, उत्तर्रा; तथा सरकारी मध्य विद्यालय, काताइडेड़ा—के कुल 80 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

यह कार्यक्रम डॉ. अनादी गायेन, क्षेत्रीय निदेशक के मार्गदर्शन में श्री सुजीत सरकार, वैज्ञानिक ‘डी’, डॉ. के. सी. मंडल, वैज्ञानिक ‘डी’, श्री बी. बी. साहू, वैज्ञानिक ‘सी’ एवं श्री राजेश साहू, वैज्ञानिक ‘बी’ द्वारा केंद्रीय भूजल बोर्ड, पूर्वी क्षेत्र, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व तथा सरल एवं सतत जीवनशैली अपनाकर भूजल संरक्षण की तात्कालिक आवश्यकता के प्रति संवेदनशील बनाना था।
जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत “जल बचाओ, पर्यावरण बचाओ” विषय पर एक अंकन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कक्षा 6 से 8 तक के 40 विद्यार्थियों ने GSSS, कदमतला, GSS, उत्तर्रा, GMS, कदमतला एवं GMS, काताइडेड़ा से भाग लिया। इसके अतिरिक्त, कक्षा 9 से 12 तक के 40 विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें GSSS, कदमतला एवं GSS, उत्तर्रा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
संवाद सत्र के दौरान वैज्ञानिकों ने भूजल स्तर में गिरावट, जल संरक्षण की विधियाँ, वर्षा जल संचयन तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने घरों एवं समुदायों में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के संदेशवाहक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती हाइसिन, उप-प्रधानाचार्य, GSSS, कदमतला द्वारा की गई। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा जल-संरक्षण की आदतें अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत भूजल प्रबंधन में सक्रिय योगदान देने की शपथ के साथ किया गया।






























