DEEMED यूनिवर्सिटी के पद से उत्पल शर्मा का इस्तीफ़ा स्वीकार, निरस्त का आदेश की प्रति जारी की गई

Utpal Sharma Resignation

Report : Pankaj Singh

दिनाक 28 मार्च 2026, दिनाक 25 मार्च 2026 को सूत्रों के हवाले से हमारी मीडिया और कुछ अन्य मीडिया ने एक रिपोर्ट पब्लिश की थी, जिसमें समाचार दिया गया था कि “सांसद विष्णु पदा रे जी के शिकायत करने के बाद डॉ. उत्पल शर्मा जी की Officer on Special Duty  (OSD) नियुक्ति निलंबन/रद्द कर दिया गया है”

लेकिन वो समाचार रिपोर्ट प्रकाशित होने के कुछ घंटों के अंदर ही हमारे मीडिया के शिकायत प्लेटफ़ॉर्म पर  एक शिकायत कर्ता ने दावा किया कि जब तक आधिकारिक आदेश की प्रतिलिपि जारी नहीं होती तब तक इस रिपोर्ट का पुष्टि नहीं होती और रिपोर्ट निराधार है। हमारे तरफ से सिकायत कर्ता को समझने का प्रयास किया गया कि हम अपना काम सूत्रों की जानकारी के आधार पर करते हैं, ऑर्डर कॉपी बाद में जारी हो जाएगा। लेकिन सिकायत करता ऑर्डर कॉपी का ही डिमांड करता रहा और ऑर्डर कॉपी ना होने पर रिपोर्ट वापस लेने का मांग किया।

Utpal Sharma Resignation

प्रसारण मंत्रालय (MOB) के दिशानिर्देशों के अनुसार किसी रिपोर्ट पर सिकायत होने पर और उस रिपोर्ट का पुष्टि न होने पर रिपोर्ट को वापस लेना होता है, उसी दिशानिर्देश को फॉलो करते हुए एविलैंड मीडिया ने उस समय अपनी रिपोर्ट को वापस ले लिया और बकाईदा दूसरा रिपोर्ट जारी किया, जिसमें कहा गया कि जैसे ही OSD निरस्त का आधिकारिक आदेश की कॉपी जारी होगा एविलैंड मीडिया उस ऑर्डर कॉपी के साथ रिपोर्ट को फिर से प्रकाशित करेगा।

कल, यानी 27 मार्च 2026 को, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आइलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ़ हायर लर्निंग ने डॉ. उत्पल शर्मा का इस्तीफ़ा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। हम OSD पद निरस्त करने के आदेश की प्रति और साथ ही डॉ. उत्पल शर्मा का इस्तीफ़ा पत्र को भी साझा कर रहे हैं, जो 23 मार्च 2026 को जमा किया गया था।

Resignation letter

अंडमान और निकोबार प्रशासन के तहत सेवानिवृत्त प्रिंसिपल डॉ. उत्पल शर्मा को, तत्कालीन कुलपति सुनील कुमार खरे द्वारा 28 नवंबर, 2025 को जारी एक आदेश के माध्यम से OSD (विशेष कार्य अधिकारी) नियुक्त किया गया था। नियुक्ति आदेश में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम, 2023 के खंड 23, उप-खंड C(2) का हवाला दिया गया था, और इसमें कहा गया था कि वे संस्थान में स्थापना-संबंधी कार्यों में सहायता के लिए एक वर्ष तक अपनी सेवाएँ देंगे।

बाद में इस नियुक्ति पर इस बात को लेकर सवाल उठे कि क्या UGC नियमों के तहत कुलपति की आपातकालीन शक्तियों का उपयोग किसी ऐसे पद को सृजित करने या भरने के लिए किया जा सकता है, जिसका प्रावधान संस्थान के स्वीकृत ढांचे में नहीं है।

वर्तमान प्रशासन के अनुसार, OSD ‘ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी’ का पद विश्वविद्यालय की अनुमोदित संरचना के अंतर्गत कोई मान्यता प्राप्त या स्वीकृत पद नहीं था, अतः, यह नियुक्ति जारी नहीं रह सकती थी।

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