दिल्ली में ऐतिहासिक जनजाति सांस्कृतिक समागम, अंडमान-निकोबार की गौरवपूर्ण सहभागिता

Janjati from Andaman

Report : Pankaj Singh

दिनांक: 20  मई, 2026, महान जननायक भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर जनजाति सांस्कृतिक समागम – 2026 का आयोजन जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा लाल किला मैदान, दिल्ली में आगामी 24 मई, 2026 रविवार को किया जा रहा है। इस विराट जनजाति सांस्कृतिक समागम में देश भर के 500 से अधिक जनजाति समुदाय के लगभग डेढ़ लाख प्रतिभागी भाग लेंगे। भगवान बिरसा मुंडा भारत के 12 करोड़ जनजाति सामुदाय की अस्मिता, अस्तित्व और अधिकारों के प्रतीक के रुप में जाने जाते हैं। भारत का जनजाति समाज जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन कैसे जीया जाता है इसकी सीख देता है।

Janjati from Andaman

भारत की इसी जनजाति संस्कृति का भव्य प्रदर्शन करने के लिये यह आयोजन हो रहा है, जिसमें देशभर के सब प्रतिभागी अपने स्वयं के खर्च से दिल्ली जा रहे हैं। अपने आप में यह एक अत्यंत व्यापक सांस्कृतिक आयोजन है। अपनी धर्म- संस्कृति और परम्परा के विषय को लेकर जनजाति समाज राजधानी दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में पहली बार एकत्रित हो रहा है। यह एक ऐतिहासिक आयोजन है जिसमें अपनी पारंपरिक वेशभूषा में देश के विभिन्न हिस्सों से आए जनजाति महिला-पुरुष शोभायात्रा में सम्मिलित होकर अपनी संस्कृति-परम्परा का दर्शन दिल्लीवासियों को कराएँगे। यह शोभा यात्रा पाँच विभिन्न स्थलों से प्रारंभ होगी, जो जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करेगी। ये यात्राएँ लाल किले पर आकर एकत्रित होंगी, जहाँ इसके पश्चात एक जनसभा का आयोजन किया गया है।  भारत के माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी लाल किले पर आयोजित इस भव्य जनसभा में प्रमुख अतिथि के नाते उपस्थित रहेंगे। इस अवसर जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजन समिति का गठन किया है जो दिल्ली नगरवासियों के साथ मिलकर सुदूर वनों-पर्वतों में निवास करनेवाले अपने वनवासी बंधुओं के स्वागत और पूरी व्यवस्थाओं को बनाने के लिये तत्परता से लगी हुई है।

इस ऐतिहासिक जनजाति सांस्कृतिक समागम में भाग लेने के लिये अंडमान – निकोबार द्वीप समूह से भी छोटा नागपुरी मूल के 12 जनजाति समूह के कुल 133 प्रतिभागी भाग ले रहें हैं। ऐसे 82 प्रतिभागियों का पहला दल चेन्नई मार्ग के जहाज से और दूसरा दल जिसमें 43 प्रतिभागी शामिल हैं कोलकाता मार्ग के जहाज से और 08 प्रतिभागी हवाई जहाज से सीधे दिल्ली के लिये अंडमान – निकोबार द्वीप समूह से प्रस्थान कर रहे हैं। सभी रांची आदिवासी समुदाय के लोगों में उत्साह का वातावरण  है और देश भर के जनजाति समुदाय के लोगों से मिलने और उनकी सांस्कृतिक विरासत को जानने- समझने को उत्सुक हैं।

यह जनजाति सांस्कृतिक समागम अपने जनजाति समाज के गौरव भगवान बिरसा मुंडा की विरासत को याद करेगा। जनजातियों की समृध्द सांस्कृतिक एवं गौरवशाली परंपरा का स्मरण करायेगा और धर्म – संस्कृति और परंपराओं पर होने वाले आघातों से भी देश को अवगत करायेगा। जनजाति समाज के बीच जो देश विरोधी ताकतें काम कर रही हैं और जनजाति समुदाय के अधिकारों का हनन और भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण का जो धर्मांतरित लोग दोहरा लाभ ले रहें हैं उस पर डिलिस्टिंग की मांग भी की जायेगी। इसके अलावा जनजाति क्षेत्रों में समाज को बांटने के लिये जो शक्तियां कार्यरत हैं उन्हें भी जवाब दिया जायेगा, जिससे वे अपने जनजाति समाज को सनातन समाज से अलग करने का प्रयास कर रहीं हैं। यह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ आने का महत्वपूर्ण अवसर है। दिल्ली में होने वाला यह सांस्कृतिक समागम  ‘ तू – मैं, एक रक्त’ इस राष्ट्रीय भाव को अधिक दृढ़ करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *